Shiksha se Shikhar Tak

SocioStory : रजनी जी, कृपया हमें अपने बारे में बताएं (Hi Rajni, Please Tell us about yourself )

Rajni : मेरा नाम रजनी जोजी है। मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं जो आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को साक्षर करने का कार्य करती हूं। मेरा निवास स्थान गाजियाबाद के वसुन्धारा सेक्टर 6 वार्तालोक अपार्टमेन्ट में है। मैं उससे पहले स्वास्थ्य मंत्रलय दिल्ली मे ंकार्यरत थी। उसी दौरान मैने अपनी मास्टर ऑफ़ सोजल वर्क की डिग्री प्राप्त की। मेरा संयुक्त परिवार है जिसमें 9 सदस्य हैं। मुझे देजभक्ति व पुराने संगीत सुनना पसंद है। प्रेरणास्रोत महापुरू"ाों के संघ"ार् व जीवनी पढ़ना व प्रेरित होना मेरा पसंदीदा कार्य है जो मुझे देजभक्ति की प्रेरणा की ओर अग्रसित करता है। सदा देज के लिये कुछ कर गुजरने का जुनून रहता है जिसका प्रथम पड़ाव घर के आसपास रहने वाला यह निम्न वर्ग है। जो अथाह पीड़ा में है जितना मुझसे सम्भव हो पा रहा है कार्यरत हूं जिससे मुझे आत्म सन्तुि"ट प्राप्त होती है। 

SocioStory : हमें अपनी पहल के बारे में बतायें  (Tell us about your initiative)

Rajni : अपने कार्यों की पहल की 'ाुरूआत अपनी पढ़ाई के दौरान द्ध'ारण व आई एम डी टीऋ संस्थान के इंटर्नजिप के दौरान निगम बोधा घाट व आईएसबीटी के फ्लाईओवरों, सड़कों, फ़ुटपाथों पर नजे के आदी बच्चों, पुरू"ाों, महिलाओं को देखकर हृदया रो पड़ा कि आखिर स्वयं के लिये जीना तो क्या जीना कई रात सुकून की नींद गायब थी फि़र मन बनाया बड़ों को सिफ़र् जागरूक किया जा सकता है क्यों न देज की इस भावी पीढ़ी बच्चों को साक्षर कर जिक्षा क्रान्ति का आगाज किया जाये इसी उदेज्य की पूर्ति के लिये सर्वप्रथम 'ाुरूआत अपने घर के आसपास के बस्ती को जागरूक कर साक्षरा करने का बेड़ा उठाया यही आजा संग निरन्तर प्रयासरत हूं जिक्षा के माधयम से बदलाव लाने के लिये जिससे भावी पीड़ी को सजक्त बनाया जा सके। 

SocioStory : आपने "शिक्षा से शिखर तक " की शुरुआत ? (When did you Start ?)

अपने कार्यों की 'ाुरूआत 27 जुलाई 2015 को वसुन्धारा सेक्टर 6 की बस्तियों से की जिसमें अपनी सोसाईटी के मित्रें संग अपनी बात को रखा कि खाली समय क्यों न हम इन बच्चों को दें जिसके बाद दो सदस्य बस्ती के मुखिया से मिलकर बातचीत की व कार्यों की सहमति प्रदान करने के बाद बच्चों से बातचीत कर काउन्सलिंग की जिसमें पहले दिन 60 से 70 बच्चों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी जिसमें बच्चे खासे उत्साहित दिखे वहीं बस्ती के बीच साफ़ सफ़ाई की गई व बच्चों द्वारा अपने घरों से चटाई पॉलिथीन व हमें बैठने के लिये चार कुर्सियों का इंतजाम किया गया। बच्चों की हालत दयनीय थी मगर जिक्षा को लेकर बच्चे मानो उत्साहित दिखे उनके पढ़ने की ललक मानो पूरी हो यही से हमें प्रथम 'ाुरूआत की किरण नजर आयी। 

SocioStory : आपका ऑपरेशनल मॉडल क्या है? (What is your Operational Model ?)

 आज तक के किये गये कार्यों में सर्वप्रथम हमारी टीम द्वारा आसपास की सोसाईटियों से दरियां, स्टेजनरी, ब्लैकबोर्ड, कापियों का प्रबन्धा किया गया व इच्छित टीम के सदस्यों से 200 रू प्रतिमाह कि हिसाब से 2016 से धान एकत्रित किया गया जिसमें जिक्षा कार्य सुचारू रूप से चलता रहे इसी क्रम में उमा गुप्ता जी द्वारा बच्चों की जिक्षा के लिये सुभद्रा ग्रीन पार्टी लॉन में स्थान दिया गया जहां अब तक जिक्षा का कार्य निजुल्क सुचारू रूप से चल रहा हैै। अभी कुछ समय पूर्व से ही आसपास के समाज के लोगों व युवा पीढ़ी द्वारा सहयोग प्राप्त होना 'ाुरू हुआ है जिसमें बच्चों के बैग, बोतल, ड्रैस, स्टेजनरी, जूते, खाद्य सामग्री समय समय पर सहायता के रूप में मिलती है जिससे आज तक जिक्षा कार्य निरन्तर अग्रसर है। 

 इसी क्रम में बच्चों को कला, नृत्य, योगा, कराटे, आर्टक्राफ्ट विजे"ा रूप से कक्षायें दी जाती हैं। बच्चों के संस्था का समय 11 बजे से 2 बजे तक है जिसमें उन्हे प्राथमिक जिक्षा के लिये तैयार किया जाता है साथ ही प्रत्येक 'ाुक्रवार बच्चों को खेल के माधयम से उनकी रूचि को पहचानने का प्रयत्न किया जाता है जिससे जिक्षा के प्र्रति उनका निरन्तर लगाव बना रहे हम प्रयासरत हैं कि बच्चों को उनकी मानसिक वातावरण से उठाकर समाज की मुख्यधाारा में सम्मिलित किया जाये। 

 इसके साथ हर छ माह पर अलग अलग संस्थाओं द्वारा निजुल्क स्वास्थ्य जिविर का आयोजन किया जाता है जिससे वंचित वर्ग को लाभ पहुंचे। 

 महिला सजक्तिकरण के लिये हमारी टीम हर माह बस्तियों में जाकर जागरूक करती है व संस्था में महिलाओं को सम्मानित करती हैं जो अपने बच्चों को निरन्तर हमारे पास जिक्षा के लिये भेजते हैं। 

 स्वच्छ भारत अभियान के तहत हमारी टीम द्धउत्तराखण्ड भ्राति सेवा संस्थानऋ निगम बोधा घाट पर भी प्रत्येक रविवार 8 से 11 सफ़ाई का कार्य निरन्तर 2017 से कर रही है। 

SocioStory : आपकी टीम कितनी बड़ी है? (How big is your Team ?)

Rajni :

  1. रजनी जोजी
  2. चन्द्रकला डोबरियाल
  3. संगीता चौहान
  4. रंजीता मिश्रा
  5. नीतू कुण्डलिया
  6. रेखा रावत
  7. श्र)ा तिवारी
  8. सीमा पंवार द्धडांस टीचरऋ
  9. सन्तो"ा कुमार द्धयोगा टीचरऋ
  10. उमा गुप्ता
  11. उ"ाा गुप्ता 

SocioStory : आपकी पहल का विजन और मिशन क्या है? (What are the Vision & Mission of your Initiative?)

Rajni : हमारा उदेज्य गरीब एवं पिछड़े वर्ग के बालक बालिकाओं को प्राथमिक जिक्षा प्रदान करना है। देज की भावी पीढ़ी को निरक्षरता से साक्षरता की दीप जलाकर विवेकजील, जिम्मेदार, जागरूक नागरिक एवं सभ्य समाज के योग्य बनाना है। हर जिक्षा के अभाव में रहने वाले बच्चे को निजुल्क संसाधान उपलब्धा करवाकर प्राथमिक जिक्षा प्रदान करना है साथ ही बच्चों के मानसिक स्तर का दायरा बढ़ा कर समाज की मुख्यधाारा से जोड़ना है। 

SocioStory : What is your Future Roadmap ?  ( भविष्य की कार्यप्रणाली) 

हमारा मकसद आर्थिक, सामाजिक रूप से पिछड़े समाज के बीच जाकर जिक्षा के साधान जुटाकर नवपीढ़ी को जिक्षा के माधयम से जागरूक कर सजक्त एवं समर्थ बनाना है। 

मलीन बस्ती, आन्तरिक पलायन बस्ती तक जिक्षा संसाधान उपलब्धा करवाकर जिक्षा की धाारा को नवपीढ़ी की कच्ची जड़ों को सिंचित कर समाज को जागरूक कर द्धएक पढ़ेगा दस को पढ़ायेगाऋ के नारे संग बदलाव ला रहे हैं व लायेंगे के साथ कार्य करेंगे। 

वहीं इन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं को जागरूक व प्रोत्साहित करना है जिसमें महिलाओं को व्यवसायिक प्रजिक्षण देकर लघु उद्योग व स्वरोजगार की ओर अग्रसित कर महिला सजक्तिकरण के नारे का सफ़ल बनाना है। 

SocioStory : क्या होगा अगर आप एक साल के बाद यह विचार छोड़ दें?

Rajni : निरन्तर 4 व"ाोर्ं से शिक्षा के प्रचार प्रसार के उदेज्यों के प्रति समर्पित रहकर कभी इस तरह का नकारात्मक विचार नही आया बल्कि बच्चों के बीच निरन्तर प्रयासरत रहकर भावनात्मक लगाव बढ़ता ही गया यदि यह विचार आया तो पहले संस्था को समायोजित व सक्षम बनाकर ही अन्य वि"ायों पर विचार किया जा सकता है और अपनी लेखनी के माधयम से सदा इस समाज की समय समय पर आवाज उठाती रहूंगी और सदा इसका हिस्सा रहूंगी।  

6- How is the progress so far?
 1- गरीब तबके, नजे के आदी बच्चों को जागरूक कर जिक्षा प्रदान करना। 
 2- गुड टच, बैड टच की जानकारी समय समय पर स्कूलों में जागरूक करना। 
 3- स्वास्थ्य जिविरों का आयोजन करना। 
4- महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर माहवारी के दौरान की पूर्ण जानकारी देना।
5- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माधयम से आत्मसुरक्षा व देजभक्ति के लिये जागरूक करना।         
6- माए सिटी माए नेजन से जुड़कर पेड़ पौधो, पॉलीथीन बैन पर्यावरण प्रदू"ाण के लिये जागरूक करना। 
7- कीटनाजक दवाईयों को बस्ती में छिड़काव करना रोटरी क्लब वैजाली के सहयोग से।  
8- सर्च माए चाईल्ड संस्था संग जुड़कर बच्चों को सुरक्षा के लिये जागरूक करना। 
9- स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ना।
10- बच्चों को प्रचलित स्थानों पर घुमाना।
11- ऑल स्कूल पेरेंटस के साथ जुड़कर जिक्षा के अधिाकार के लिये लड़ना व अभिभावकों को उनके अधिाकारों के लिये जागरूक करना। 
12- आत्मसुरक्षा जिविर का आयोजन करना। 
13- रक्तदान जिविर में भाग लेना।
14- सर्दियों में वस्= वितरण व आपदा क्षेत्रें में सोसाईटी से सामग्री एकल कर भेजना।
15- सामाजिक संस्थाओं संग मिलकर, वृ) आश्रम, बाल आश्रम में सेवा व खाद्य सामग्री देना।
16- फ्यूचर्स ऑफ़ इंडिया संगठन संग मिलकर छा= हितों की मांग में प्रदर्जन करना।
17- संस्कृति के विस्तार के लिये 14 फ़रवरी मातृपितृ पूजन करना। 
18- बस्तियों में बाल श्रम, बाल विवाह न करने के लिये जागरूक करना। 
19- नोटबन्दी के दौरान श्रमदान करना। 
20- प्राथमिक विद्यालयों में रोटरी क्लब वैजाली के सहयोग से फ़र्नीचर उपलब्धा करवाना। 
21- अन्य संस्थाओं से जुड़कर नो मोर रेप मुहिम से जुड़कर नुक्कड नाटक के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर जाकर जागरूक करना। 
22- विभिन्न सामाजिक संगठनों संग मिलकर देजहित के मुददों पर आवाज उठाना।
7- (ैनेजंपदंइपसपजल)स्थिरता 
 सकारात्मक उर्जा के साथ अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहकर बच्चों के जिक्षा के प्रति उत्साहित भावों से प्रेरणा लेकर साक्षरता के पथ पर नित्य नई चुनौतियों का सामना करके उनका व्यवहारिक हल ढूंढकर उदेज्य के प्रति सचेत रहकर दैनिक दिनचर्या से चार घंटे का समय निकालकर अनुजासित कार्यविधिा अनुसरित कर उदेज्य को कार्यान्वित करना है जिससे प्रत्येक बच्चा जिक्षा के प्रति जागरूक हो और अपने आसपास के वातावरण में बदलाव लाकर आत्मनिर्भर बने।

छुआछूत, अस्पृज्यता, भेदभाव जब तक समाज में पनपते रहेंगे तब तक सामाजिक समरसता नही आ सकती है।
डा0 भीमराव अम्बेडकर   

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